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 Madhya Pradesh Board Class 6 Hindi Sugam Bharti Solutions Chapter 5 मदनमोहन मालवीय

By StudyEducation

सुगम भारती कक्षा 6 पाठ 5 मदनमोहन मालवीय प्रश्न उत्तर हिंदी


वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. (क) सही जोड़ी बनाइए

1. महामना – (क) गोरखुपर

2. हिन्दू – (ख) आंदोलन

3. असहयोग – (ग) मदनमोहन मालवीय

4. चौरी चौरा – (घ) विश्वविद्यालय

उत्तर

1. (ग), 2. (घ), 3. (ख), 4. (क)

प्रश्न (ख)
दिए गए शब्दों में से उपयुक्त शब्द चुनकर रिक्त स्थानो की पूर्ति करें

1. कालाकांकर नरेश ने मालवीय जी को वकालत पढ़ने के लिए…..किया। (मजबूर उत्साहित)
2. चौरीचौरा नामक स्थान में……..घटना घटी। (सनसनीपूर्ण/उत्तेजक)
3. ……पाने का समय आता तो वे दूसरों को सामने कर देते। (कीर्ति/अपकीति)
4. विधि की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने……में वकालत शुरू कर दी। (सुप्रीमकोर्ट/हाईकोट)

उत्तर

1. मजबूर
2. सनसनीपूर्ण
3. कीर्ति
4. हाईकोर्ट।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में दीजिए

(क) मदनमोहन मालवीय जी के नाम का लोग कौन-सा सुंदर अर्थ करते थे?

उत्तर

वह मद न मोह न मालवीय है। अर्थात् ऐसा |व्यक्ति जिसमें मद व मोह नहीं है।

(ख) वकालत के क्षेत्र में मालवीय जी को सबसे बड़ी सफलता कब मिली?

उत्तर

जब उन्होंने चौरी-चौरा कार के अभियुक्तों को फांसी से बचा लिया।

(ग) मालवीय जी ने किन समाचार पत्रों का संपादन किया था?

उत्तर

लीडर और हिंदुस्तान का।

(घ) मदनमोहन मालवीय जी ने अपने जीवन में कौन-सा सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कार्य किया?

उत्तर

उन्होंने अपने जीवन में समाजसेवा का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कार्य किया।

(ङ) मालवीय जी के निःस्वार्थ जीवन की कहानी हमें क्या शिक्षा देती है?

उत्तर

मालवीय जी के निःस्वार्थ जीवन की कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि हम भी उनकी तरह बनने की कोशिश करें।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन-से-पाँच वाक्यो में दीजिए

(क) मदनमोहन अपने को भारत का भिखारी क्यों मानते थे?

उत्तर

मदनमोहन मालवीय ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की। इस काम के लिए उन्हें पैसे की जरूरत थी। पैसे इकट्ठा करने के लिए वह झोली लेकर देश के कोने-कोने में घूमे। उनमें एक ऐसी विशेषता थी कि जिसके द्वार पर वह पहुँचते थे, वहाँ से खाली हाथ न लौटते थे। मालवीय अपने को भारत का भिखारी मानते थे।

(ख) ‘मालवीय जी की वाणी बहती गंगा के समान थी।’ समझाइए।

उत्तर

मालवीय जी एक सच्चे देशभक्त थे। उनकी बोली में एक अजीब तरह की मिठास थी। जब वह भाषण देने लगते थे तो लोग मंत्रमुग्ध हो जाते थे। उनकी वाणी से लोगों को प्रेरणा मिलती थी। जो भी उनके संपर्क में आता उनसे प्रभावित हुए बिना नहीं रहता। इस कारण उनकी वाणी की तुलना बहती गंगा से की गई है।।

(ग) चौरी चौरा कांड में मालवीय जी की क्या भूमिका यी?

उत्तर

मालवीय जी वकालत के क्षेत्र में काफी ख्याति अर्जित की। अपनी वकालत के बल-पर उन्होंने चौरी चौरा कांड के अभियुक्तों को फांसी से बचा लिया। फरवरी 1922 में गोरखपुर जिले से चौरी-चौरा नाम के स्थान में एक सनसनी पूर्ण घटना घटी जिसमें जनता ने पलिस थाना को जला दिया। मुकदमा चलने पर रोशन जज ने 151 लोगों को फांसी की सजा दे दी। जब मामला हाईकोर्ट में गया तो पैरबी के लिए मालवीय जी को बुलाया गया। मालवीय जी इतनी अच्छी बहस की कि सभी अभियुक्त साफ बच गए।

(घ) मालवीय जी ने हिंदी की उन्नति के लिए क्या किया?

उत्तर

मालवीय जी ने अपने स्तर पर हिंदी को काफी ऊपर उठाया। एक समय था जब अदालतों में हिंदी में अर्जी देना एक कठिन काम था। मालवीय जी ने जी तोड़-कोशिश करके अदालतों में हिंदी का प्रचार करवाया। जहाँ तब संभव होता वह हिंदी में ही भाषण देते। कई बार अंग्रेजी पढ़े-लिखे लोगों के बीच में और विश्वविद्यालय की सभाओं में भी वे हिंदी में बोलते थे।

(ङ) काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना मालवीय जी ने किन उद्येश्यों के लिए की थी?

उत्तर

मालवीय जी ने देश के नवयुवकों के चरित्र निर्माण पर विशेष बल दिया। उनको उचित शिक्षा मिले, इसके लिए उन्होंने हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की। इस विश्वविद्यालय में पढ़कर वे शुद्ध, सात्विक, तेजस्वी और वीर पुरुष बनेंगे।

भाषा की बात

प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों की वर्तनी शुद्ध कीजिए
द्रष्टि, खयाति, कीर्ती, उननति, अनूरोध

उत्तर

दृष्टि, ख्याति, कीर्ति, उन्नति, अनुरोध

(घ) मालवीय जी ने हिंदी की उन्नति के लिए क्या किया?

उत्तर

मालवीय जी ने अपने स्तर पर हिंदी को काफी ऊपर उठाया। एक समय था जब अदालतों में हिंदी में अर्जी देना एक कठिन काम था। मालवीय जी ने जी तोड़-कोशिश करके अदालतों में हिंदी का प्रचार करवाया। जहाँ तब संभव होता वह हिंदी में ही भाषण देते। कई बार अंग्रेजी पढ़े-लिखे लोगों के बीच में और विश्वविद्यालय की सभाओं में भी वे हिंदी में बोलते थे।

(ङ) काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना मालवीय जी ने किन उद्येश्यों के लिए की थी?

उत्तर

मालवीय जी ने देश के नवयुवकों के चरित्र निर्माण पर विशेष बल दिया। उनको उचित शिक्षा मिले, इसके लिए उन्होंने हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की। इस विश्वविद्यालय में पढ़कर वे शुद्ध, सात्विक, तेजस्वी और वीर पुरुष बनेंगे।

प्रश्न 6.
नीचे लिखे वाक्यों में से सर्वनाम छांटकर उनके भेद लिखिए

उत्तर


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