MP Board Class 7th Social Science Solutions Chapter 25 हमारी न्यायपालिका
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Madhya Pradesh Board Class 7 Social Science Solutions Chapter 25 हमारी न्यायपालिका
By StudyEducation
MP Board Class 7th Social Science Chapter 25 अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1.
निम्नांकित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए –
(1) उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की पद मुक्ति आयु सीमा है –
(अ) 65 वर्ष
(ब) 62 वर्ष
(स) 67 वर्ष
(द) 60 वर्ष
उत्तर:
(अ) 65 वर्ष
(2) राष्ट्रपति द्वारा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के समय सलाह ली जाती है –
(अ) मुख्यमन्त्री से
(ब) राज्यपाल से
(स) शिक्षा मन्त्री से
(द) किसी से नहीं।
उत्तर:
(ब) राज्यपाल से।
प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(1) उच्चतम न्यायालय ………… में स्थित है।
(2) न्यायाधीश पद के लिए ………….. का नागरिक होना चाहिए।
(3) भारत के ………… मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति करते हैं।
(4) मध्यप्रदेश का उच्च न्यायालय …………’ में स्थित है।
उत्तर:
(1) दिल्ली
(2) भारत
(3) राष्ट्रपति
(4) जबलपुर।
MP Board Class 7th Social Science Chapter 25 लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 3.
(1) उच्चतम न्यायालय में कुल कितने न्यायाधीश होते हैं?
उत्तर:
उच्चतम न्यायालय में एक मुख्य न्यायाधीश तथा 30 अन्य न्यायाधीश, कुल मिलाकर 31 न्यायाधीश होते हैं।
(2) उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद के लिए क्या-क्या योग्यताएँ होनी चाहिए ?
उत्तर:
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद के लिए निम्नलिखित योग्यलाएँ होनी चाहिए –
- वह भारत का नागरिक हो।
- वह राज्य के किसी भी न्यायालय में कम-से-कम 10 वर्ष तक न्यायिक पद पर कार्य कर चुका हो अथवा 10 वर्ष तक । अधिवक्ता रहा हो।
- राष्ट्रपति की दृष्टि से वह कानून का अच्छा जानकार । होना चाहिए।
(3) उच्च न्यायालय के दो प्रमुख कार्य बताइए।
उत्तर:
उच्च न्यायालय के दो प्रमुख कार्य –
- दीवानी व फौजदारी दोनों ही मामलों में राज्य की सीमा । में अपील सुनना।
- राज्य में स्थित जिलों के जिला न्यायालय द्वारा दिए गए मृत्युदण्ड की सजा का अनुमोदन करना।
MP Board Class 7th Social Science Chapter 25 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 4.
(1) उच्चतम न्यायालय के अधिकार व शक्तियों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
उत्तर:
उच्चतम न्यायालय के अधिकार व शक्तियाँ –
(i) प्रारम्भिक क्षेत्राधिकार – इसके अन्तर्गत निम्नलिखित मामले सीधे उच्चतम न्यायालय में सुने जा सकते हैं –
- जिसमें एक ओर केन्द्र सरकार हो और दूसरी ओर एक या एक से अधिक राज्य हों।
- मौलिक अधिकारों के हनन सम्बन्धी मामले।
(ii) अपीलें सुनने का अधिकार – इसके अधिकार क्षेत्र के अन्तर्गत सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालयों के निर्णयों के विरुद्ध संवैधानिक, दीवानी, फौजदारी आदि सभी प्रकार के मामलों की सुनवाई करना है। –
(iii) मूल अधिकारों की रक्षा – उच्चतम न्यायालय मूल अधिकारों की रक्षा करता है। किसी नागरिक के मौलिक । अधिकारों का हनन होने पर वह सीधे उच्चतम न्यायालय की शरण ले सकता है।
(iv) संविधान की रक्षा – उच्चतम न्यायालय संविधान की व्याख्या करता है। वह संविधान के विरुद्ध सरकार द्वारा बनाए गए किसी भी कानून को समाप्त कर सकता है।
(v) अभिलेख न्यायालय – उच्चतम न्यायालय के निर्णय । अभिलेख के रूप में प्रकाशित किए जाते हैं। आगे आने वाले मुकदमों में इनका प्रयोग कानून के रूप में किया जाता है।