NCERT Class 7 Science Chapter 7 प्रकृति में ऊष्मा का स्थानांतरण Solutions
NCERT Class 7 Science Chapter 7 प्रकृति में ऊष्मा का स्थानांतरण Solutions
1. प्रत्येक के लिए एक सही विकल्प चुनिए-
(i) आपके पिताजी ने एक सॉसपैन खरीदा जो दो भिन्न पदार्थों (क) एवं (ख) से बना है, जैसा कि चित्र 7.14 में दर्शाया गया। पदार्थ (क) और (ख) के निम्नलिखित गुणधर्म हैं-
(क) ‘क’ और ‘ख’ दोनों ऊष्मा के सुचालक हैं।
(ख) ‘क’ और ‘ख’ दोनों ऊष्मा के कुचालक हैं।
(ग) ‘क’ ऊष्मा का सुचालक है और ‘ख’ कुचालक है।
(घ) ‘क’ ऊष्मा का कुचालक है और ‘ख’ सुचालक है।

उत्तर: (ग) ‘क’ ऊष्मा का सुचालक है और ‘ख’ कुचालक है।
(ii) चित्र 7.15 में दर्शाया अनुसार मोम के साथ एक धातु पट्टी पर पिनों को चिपकाया जाता है और एक जलती हुई मोमबत्ती पट्टी के नीचे रखी जाती है। निम्नलिखित में – धातु-पट्टी से क्या घटित होगा?
(क) सभी पिन लगभग समान समय पर गिरेंगी।
(ख) पिन 1 और 2 पिन 3 और 4 से पहले गिरेंगी।
(ग) पिन 1 और 2, पिन 3 और 4 से बाद में गिरेंगी।
(घ) पिन 2 और 3 लगभग समान समय पर गिरेंगी।

उत्तर: (ख) पिन 1 और 2 पिन 3 और 4 से पहले गिरेंगी।
(iii) एक धूम्र-संसूचक यंत्र वह यंत्र है जो धुएँ का पता लगाता है और अलार्म बजा देता है। मान लीजिए आप अपने कमरे में एक धूम्र-संसूचक यंत्र लगा रहे हैं। इस यंत्र की लगाने का सबसे उपयुक्त स्थान होगा –
(क) फर्श के पास
(ख) दीवार के मध्य में
(ग) छत पर
(घ) कमरे में कहीं पर भी
उत्तर: (ग) छत पर।
2. एक दुकानदार आपको एक गिलास में ठंडी लस्सी देता है। संयोगवश गिलास में एक छोटा सा रिसाव है। आपको दुकानदार एक और गिलास देता है ताकि आप रिसाव वाला गिलास उसमें रख लें। क्या यह व्यवस्था आपकी लस्सी को अधिक देर तक ठंडा रखने में सहायता कर सकती है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर: हाँ, यह व्यवस्था लस्सी को अधिक देर तक ठंडा रखने में सहायता कर सकती है। दूसरा गिलास रिसाव वाले गिलास के चारों ओर हवा की परत बनाता है, जो ऊष्मा की कुचालक होती है। यह हवा बाहरी गर्मी को लस्सी तक पहुँचने से रोकती है, जिससे लस्सी अधिक समय तक ठंडी रहती है।
3. कारण सहित बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं अथवा असत्य?
(क) ठोस में ऊष्मा का स्थानांतरण संवहन द्वारा होता है।
उत्तर: असत्य – ठोस में ऊष्मा का स्थानांतरण मुख्यतः चालन द्वारा होता है, न कि संवहन द्वारा। संवहन द्रव और गैस में होता है।
(ख) चालन में ऊष्मा का स्थानांतरण कणों की वास्तविक गति के द्वारा होता है।
उत्तर: असत्य – चालन में ऊष्मा का स्थानांतरण कणों की वास्तविक गति के बिना होता है, कण अपनी स्थिति पर स्थिर रहते हैं और ऊष्मा को अगले कण तक स्थानांतरित करते हैं।
(ग) मृदा की सतह वाले क्षेत्रों से बालू की सतह वाले क्षेत्रों की तुलना में जल का रिसाव अधिक होता है।
उत्तर: असत्य – मृदा की सतह वाले क्षेत्रों से जल का रिसाव बालू की सतह वाले क्षेत्रों की तुलना में कम होता है, क्योंकि मृदा के कणों के बीच स्थान छोटे होते हैं, जिससे जल धीरे रिसता है।
(घ) स्थल से समुद्र की ओर ठंडी हवा के गमन को स्थल समीर कहते हैं।
उत्तर: सत्य – स्थल से समुद्र की ओर ठंडी हवा के गमन को स्थल समीर कहते हैं, जो रात के समय होता है जब स्थल जल की तुलना में अधिक ठंडा होता है।
4. किसी पात्र में रखे बर्फ के टुकड़े कुछ समय पश्चात पिघलकर जल बन जाते हैं। इस रूपांतरण के लिए बर्फ के टुकड़ों की ऊष्मा कहाँ से प्राप्त होती है?
उत्तर: बर्फ के टुकड़ों को ऊष्मा आस-पास के वातावरण से विकिरण द्वारा प्राप्त होती है। गरम पात्र अपने आस-पास ऊष्मा को विकिरित करता है, जो बर्फ को पिघलाकर जल बनाता है।
5. एक अगरबत्ती को नीचे की दिशा में उलटा कर के लगाया गया है। इस अगरबत्ती से निकलने वाला धुआँ किस दिशा में जाएगा? एक चित्र बनाकर धुएँ की गति की दिशा दर्शाइए।
उत्तर: अगरबत्ती को उल्टा करने पर धुआँ नीचे की ओर जाएगा। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि धुआँ गरम होता है और ऊपर उठता है, लेकिन उल्टा होने पर यह नीचे की दिशा में गति करता है।

6. चित्र 7.16 में दिखाए अनुसार जलयुक्त परखनलियों को एक मोमबत्ती द्वारा समान समय तक गरम किया जाता है [चित्र 7.16 (क)] अथवा चित्र 7.16 (ख) में दिखाए गए दोनों तापमापियों में से कौन-सा अधिक तापमान मापेगा और क्यों?

उत्तर: चित्र 7.16 (ख) में तापमापी अधिक तापमान मापेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि चित्र 7.16 (ख) में मोमबत्ती की लौ परखनली के ठीक नीचे है, जिससे जल को अधिक ऊष्मा सीधे चालन और संवहन द्वारा प्राप्त होती है। चित्र 7.16 (क) में मोमबत्ती की लौ परखनली के किनारे पर है, जिससे ऊष्मा का स्थानांतरण कम प्रभावी होता है।
7.गरम जलवायु वाले क्षेत्रों में घरों की बाहरी दीवारों को खोखली ईंटों द्वारा क्यों बनाया जाता है?
उत्तर: गरम जलवायु वाले क्षेत्रों में घरों की बाहरी दीवारें खोखली ईंटों से बनाई जाती हैं क्योंकि खोखली ईंटों में उपस्थित वायु ऊष्मा की कुचालक होती है। यह वायु बाहरी गर्मी को घर के अंदर आने से और अंदर की ठंडी हवा को बाहर जाने से रोकती है, जिससे घर गर्मियों में ठंडे रहते हैं।
8.जल के बड़े निकायों की उपस्थिति किस प्रकार आस-पास के क्षेत्रों में तापमान की अधिक बढ़ने से रोकती है। समझाइए।
उत्तर: जल के बड़े निकाय, जैसे समुद्र और झीलें, आस-पास के क्षेत्रों में तापमान की अधिक बढ़ने से रोकते हैं क्योंकि जल की तुलना में स्थल अधिक तेजी से गरम और ठंडा होता है। दिन के समय जल धीरे गरम होता है, जिससे समुद्र से ठंडी हवा (समुद्र समीर) स्थल की ओर बहती है, जो तटीय क्षेत्रों को ठंडा रखती है। रात में जल धीरे ठंडा होता है, जिससे गर्म हवा समुद्र से स्थल की ओर बहती है, जिससे तापमान संतुलित रहता है।
9. व्याख्या कीजिए कि किस प्रकार जल पृथ्वी की सतह के नीचे की ओर रिसता है और भौम जल के रूप में संग्रहीत होता है।
उत्तर: जल पृथ्वी की सतह के नीचे मृदा और चट्टानों के बीच के रिक्त स्थानों और दरारों से रिसता है, जिसे अंतःस्यंदन कहते हैं। यह प्रक्रिया तब होती है जब वर्षा का जल या सतही जल मृदा, बालू, या बजरी जैसे माध्यमों से होकर नीचे जाता है। बजरी में बड़े रिक्त स्थान होने के कारण जल तेजी से रिसता है, जबकि मृदा में छोटे रिक्त स्थानों के कारण धीरे रिसता है। यह रिसा हुआ जल अवसाद और चट्टानों की भूमिगत परतों में संग्रहीत हो जाता है, जिन्हें जलभृत कहते हैं। इन जलभृतों से कुओं और हैंडपंपों के माध्यम से भौम जल प्राप्त किया जाता है।
10. जल-चक्र पृथ्वी पर जल के पुनः वितरण और पुनः भरण में सहायता करता है। इस कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर: जल-चक्र पृथ्वी पर जल के पुनः वितरण और पुनः भरण में सहायता करता है। सूर्य की ऊष्मा के कारण समुद्र, नदियों और झीलों का जल वाष्पित होकर जलवाष्प बनता है। यह जलवाष्प ऊपर उठकर ठंडा होता है और संघनन द्वारा बादल बनाता है। बादलों से वर्षा, हिम या ओलों के रूप में जल पृथ्वी पर वापस आता है, जो नदियों, झीलों और समुद्रों में जाता है या मृदा में रिसकर भौम जल के रूप में संग्रहीत होता है। इस प्रकार, जल-चक्र जल को विभिन्न जल निकायों में पुनः वितरित करता है और भौम जल के स्रोतों को पुनः भरता है, जिससे पृथ्वी पर जल की कुल मात्रा संरक्षित रहती है।