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NCERT Class 6 Science Chapter 2 सजीव जगत में विविधता Solutions


सजीव जगत में विविधता


प्रश्न 1. सजीवों में विविधता से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: पृथ्वी पर पाए जाने वाले सजीव जीव-जंतुओं और पौधों के आकार, रंग, बनावट, भोजन, आवास और अन्य विशेषताओं में अलग-अलग होते हैं। सजीवों में पाई जाने वाली इन भिन्नताओं को विविधता कहते हैं।

प्रश्न 2. सजीव और निर्जीव वस्तुओं में क्या अंतर है?
उत्तर: सजीवों में वृद्धि, श्वसन, पोषण, प्रजनन और उद्दीपन के प्रति प्रतिक्रिया जैसी जीवन प्रक्रियाएँ होती हैं, जबकि निर्जीव वस्तुओं में ये जीवन प्रक्रियाएँ नहीं होतीं।

प्रश्न 3. सजीवों के आवास से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: वह स्थान और वातावरण जहाँ कोई सजीव रहता है, भोजन प्राप्त करता है और अपनी जीवन-आवश्यकताओं को पूरा करता है, उसका आवास कहलाता है।

प्रश्न 4. पौधों और जंतुओं में पाई जाने वाली विविधता के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: पौधों में घास, पेड़ और झाड़ियाँ अलग-अलग प्रकार के होते हैं। इसी प्रकार जंतुओं में मछली, पक्षी और स्तनधारी अलग-अलग विशेषताओं वाले होते हैं।

प्रश्न 5. सजीवों को समूहों में बाँटना क्यों आवश्यक है?
उत्तर: सजीवों की संख्या बहुत अधिक है। उनकी समानताओं और भिन्नताओं के आधार पर समूह बनाने से उन्हें पहचानना, उनका अध्ययन करना और उनके बारे में जानकारी प्राप्त करना आसान हो जाता है।

प्रश्न 6. सजीवों की पहचान करते समय किन विशेषताओं को देखा जा सकता है?
उत्तर: सजीवों की पहचान के लिए उनके आकार, शरीर की बनावट, भोजन, रहने का स्थान, गति और अन्य विशेषताओं का अवलोकन किया जा सकता है।

प्रश्न 7. पौधों के आवास में किस प्रकार की विविधता दिखाई देती है?
उत्तर: कुछ पौधे जल में उगते हैं, कुछ रेगिस्तानी क्षेत्रों में और कुछ पर्वतीय या वन क्षेत्रों में पाए जाते हैं। अलग-अलग वातावरण के अनुसार पौधों में विभिन्न विशेषताएँ दिखाई देती हैं।

प्रश्न 8. जलीय और स्थलीय सजीवों में क्या अंतर है?
उत्तर: जल में रहने वाले सजीव जलीय कहलाते हैं, जैसे मछली। भूमि पर रहने वाले सजीव स्थलीय कहलाते हैं, जैसे गाय, कुत्ता और मनुष्य।

प्रश्न 9. सजीवों के लिए उनके आवास का क्या महत्व है?
उत्तर: आवास सजीवों को भोजन, पानी, हवा और रहने के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ प्रदान करता है। इसलिए सजीवों के जीवन के लिए उपयुक्त आवास बहुत महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 10. जैव विविधता का संरक्षण क्यों आवश्यक है?
उत्तर: जैव विविधता प्रकृति के संतुलन के लिए आवश्यक है। सजीवों और उनके आवासों की रक्षा करने से पर्यावरण का संतुलन बना रहता है।

प्रश्न 1. यहाँ दो प्रकार के बीज दिए गए हैं। आप इनके पौधों की जड़ों और पत्तियों के शिरा-विन्यास में क्या अंतर पाते हैं?

उत्तर –

गेहूँ (क):

i) जड़ का प्रकार: गेहूँ की जड़ें रेशेदार होती हैं। इसमें मूसला जड़ नहीं होती, बल्कि पतली और समान आकार की कई जड़ें एक साथ गुच्छे के रूप में निकलती हैं।

ii) पत्ती का शिरा-विन्यास: गेहूँ की पत्तियों में समांतर शिरा-विन्यास पाया जाता है। इसमें शिराएँ पत्ती के दोनों किनारों के समानांतर होती हैं।

राजमा (ख):

i) जड़ का प्रकार: राजमा की जड़ें मूसला जड़ के रूप में होती हैं। इसमें एक मुख्य जड़ होती है, जिससे छोटी-छोटी पाश्व जड़ें निकलती हैं।

ii) पत्ती का शिरा-विन्यास: राजमा की पत्तियों में जालिकारूपी शिरा-विन्यास पाया जाता है। इसमें शिराएँ पत्ती की मध्य शिरा से निकलकर जाल की तरह बिछती हैं।

प्रश्न 2. नीचे कुछ जंतओु के नाम दिए गए हैं, उनके आवास के आधार पर समह बनएँ। चिह्नांकित खंड ‘क’ में जलीय जंतओु और चिह्नांकित खंड ‘ख’ में थलीय जंतओु के नाम लिखिए। खंड ‘ग’ में दोनों आवासों में रहने वाले जंतओु के नाम लिखिए।

घोड़ा, डॉल्फिन, मेंढक, भेड़, मगरमच्छ, गिलहरी, व्हेल, केंचुआ, कबूतर, कछुआ

उत्तर-

(A) जलीय जानवर:

(i) डॉल्फिन
(ii) व्हेल

(B) स्थलीय जानवर:

(i) घोड़ा
(ii) भेड़
(iii) गिलहरी
(iv) केंचुआ
(v) कबूतर

(C) A और B दोनों (उभयचर)

(i) मेंढक
(ii) मगरमच्छ
(iii) कछुआ

प्रश्न 3. मनु की माँ एक की एक शाक वाटिका (किचन गार्डन) है। एक दिन, वह मिट्टी से मूली उखाड़ खोद रही थी। उन्होंने मनु को बताया कि मूली एक प्रकार की जड़ है। एक मूली सावधानीपूर्वक देखें और लिखें कि वह किस प्रकार की जड़ है। मूली के पौधे की पत्तियों में आपको किस प्रकार का शिरा-विन्यास दिखाई देगा?

उत्तर- मूली एक प्रकार की जड़ है जिसे टैपरूट के नाम से जाना जाता है। टैपरूट मोटी, प्राथमिक जड़ें होती हैं जो शंकु के आकार के अलावा मिट्टी में गहराई तक बढ़ती हैं।

पत्ती शिराविन्यास: मूली के पौधे की पत्तियाँ ‘जालीदार शिरा-विन्यास’ प्रदर्शित करती हैं, जो द्विबीजपत्री पौधों की खासियत है। इस शिरा-विन्यास पैटर्न में एक प्रमुख केंद्रीय शिरा होती है जिसमें छोटी शिराएँ शाखाएँ बनाती हैं, जो एक नेटवर्क बनाती हैं।

प्रश्न 4. नीचे दिए गए चित्रों में पर्वतीय बकरी और मैदानों में पाई जाने वाली बकरी को देखें। उनके बीच समानताएँ और अंतर बताएँ। साथ ही यह भी बताएँ कि इन अंतरों के क्या कारण हैं?

उत्तर- समानताएँ:

i) दोनों बकरियाँ हैं और एक ही परिवार से हैं।

ii) शाकाहारी आहार: दोनों शाकाहारी हैं। यानी वे जड़, तना, पत्तियाँ आदि सहित पौधे खाते हैं।

अंतर:

पर्वतीय बकरीमैदानी बकरी
1. ठंडे पहाड़ी तापमान से बचाने के लिए मोटा, लंबा फर होता है।1. गर्म जलवायु के लिए उपयुक्त छोटे फर है।
2. सामान्यतः अधिक मजबूत और मांसल, चट्टानी इलाकों पर चढ़ने के लिए अनुकूलित।2. समतल, खुले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त दुबला शरीर।
3. पथरीली सतहों पर बेहतर पकड़ के लिए खुरदरी बनावट वाले विशेष खुर।3. खुर समतल, घास वाली भूमि पर चलने के लिए अधिक उपयुक्त होते हैं।

प्रश्न 5. पाठ में चर्चा की गई विशेषताओं के अतिरिक्‍त किसी अन्य विशेषता के आधार पर निम्नलिखित जंतओु के दो समहू बनाएं — गाय, तिलचट्टा (कॉकरोच), कबूतर, चमगादड़, व्हेल, कछुआ, मछली, टिड्डा, छिपकली।

उत्तर-

(i) उड़ने वाले जानवर:

(a) कबूतर
(b) चमगादड़
(c) कॉकरोच
(d) टिड्डा

(ii) न उड़ने वाले जानवर:

(a) गाय
(b) कछुआ
(c) व्हेल
(d) मछली
(e) छिपकली

प्रश्न 6. जनसंख्या के बढ़ने और मनुष्यो द्वारा अधिक सुविधाजनक जीवन की चाह में विभिन्न आवश्‍यकताओं की पर्तिू के लिए वनों की कटाई की जा रही है। यह हमारे आस-पास के परिवेश को कैसे प्रभावित कर सकता है? आपके विचार से हम इस चनौती का निदान कैसे कर सकते हैं?

उत्तर-

वनों की कटाई का प्रभाव:

i) जैव विविधता का नुकसान
ii) जलवायु में परिवर्तन
iii) मृदा अपरदन
iv) जल चक्र में व्यवधान
v) वायु गुणवत्ता में कमी।

चुनौती का समाधान

i) संरक्षित क्षेत्र: मौजूदा वनों की सुरक्षा के लिए अधिक राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य स्थापित करना।
ii) सामुदायिक भागीदारी: वन संरक्षण प्रयासों में स्थानीय समुदायों को शामिल करना। हमें अपने आस-पास अधिक पेड़ लगाने चाहिए।
iii) कानून: अवैध कटाई और वनों की कटाई को रोकने वाले कानूनों को लागू करना और लागू करना।

प्रश्न 7. फ्लोचार्ट का विश्‍लेषण करें। इसमें ‘क’ और ‘ख’ के कौन-कौन-से उदाहरण हो सकते हैं?

उत्तर-

i) ‘A’ के उदाहरण: ये वे पौधे हैं जिनकी पत्तियों में जालीदार शिराविन्यास होता है।

उदाहरण: आम, गुड़हल, गुलाब, चना, सरसों।

ii) ‘B’ के उदाहरण: ये वे पौधे हैं जिनकी पत्तियों में जालीदार शिराविन्यास नहीं होता (यानी, उनमें समानांतर शिराविन्यास होता है)।

उदाहरण: गेहूँ, मक्का, घास।

प्रश्न 8. राज अपने मित्र संजय से तर्क करताहै, “गड़ुहल का पौधा एक झाड़ी है।” संजय इसके स्पष्‍टीकरण के लिए कौन से प्रश्‍न पूछ सकता है?

उत्तर-

1. इसके तने की प्रकृति क्या है?
2. गुड़हल (गुड़हल) के पौधे की ऊँचाई कितनी होती है?
3. क्या गुड़हल के पौधे का तना लकड़ीदार होता है?

प्रश्न 9. तालिका में कुछ आँकड़े दिए गए हैं। आँकड़ों के समहू के आधार पर इन पौधों के उदाहरण का पता लगाइए।

(I) समहू ‘क’ के पौधों में और क्या समानताएँ हैं?
(II) समहू ‘ख’ के पौधों में और क्या समानताएँ हैं?

उत्तर- समूह ‘क’ और ‘ख’ के उदाहरण।
1. गुलाब, आम, मूली, गाजर और गुड़हल
2. घास, गेहूं, प्याज, मक्का और चावल आदि।

(a) समूह ‘क’ के पौधों की समानता: समूह ‘क’ (द्विबीजपत्री) के पौधों में आमतौर पर जालीदार शिराविन्यास वाली पत्तियाँ होती हैं।

(b) समूह ‘ख’ के पौधों की समानता: समूह ‘ख’ (एकबीजपत्री) के पौधों में आमतौर पर समानांतर शिराविन्यास वाली पत्तियाँ होती हैं।

प्रश्न 10. नीचे दि‍ए गए चित्र में बत्तख के नामंकित भाग को देखें। बत्तख के पंजों में अन्य पक्षियों की तुलना में आपको क्या भिन्‍नता दिखाई देती है? बत्तख अपने इस भाग का उपयोग करके कौन-सी गतिविधि करने में सक्षम होगी?

उत्तर- पैरों में अंतर

(a) बत्तख के पैर जालदार होते हैं
(b) कबूतर के पैर जालदार नहीं होते: उनके पैर पक्षी जैसे होते हैं, जिनमें अलग-अलग पंजे होते हैं।

जालदार पैरों के साथ बत्तख द्वारा की जाने वाली गतिविधियाँ

i) तैराकी: जालदार पैर बत्तख को पानी में कुशलतापूर्वक तैरने में मदद करते हैं।
ii) कीचड़ या गीली सतहों पर चलना: जालदार पैर बत्तख को स्थिरता प्रदान करते हैं और उसे डूबने से बचाते हैं।
iii) बत्तख के जालदार पैर विशेष रूप से तैरने के लिए अनुकूलित होते हैं, जिससे वह पानी में आसानी से चल सकती है।

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