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NCERT Solutions for Class 12 Hindi Vitan वितान भाग 2

NCERT Class 12 Hindi Vitan ke sabhi chapters ke question answer yaha simple bhasha me diye gaye hain. Niche diye gaye links par click karke aap kisi bhi chapter ko aasani se padh sakte hain. Hindi; Vitan Bhag - 2  (NCERT) Latest Syllabus खंड-ग : पाठ्यपुस्तक एवं पूरक पाठ्यपुस्तक आरोह, भाग 2 (पाठ्यपुस्तक) NCERT Solutions for Class 12 Hindi Vitan वितान भाग 2 📚 All Chapters: Chapter 1 सिल्वर वैडिंग Chapter 2 जूझ Chapter 3 अतीत में दबे पाँव Chapter 4 डायरी के पन्ने

NCERT Solutions for Class 12 Hindi Vitan Chapter 4 डायरी के पन्ने

  Madhya Pradesh Board Class 12 Hindi Vitan Solutions Chapter 4   डायरी के पन्ने By StudyEducation वितान  कक्षा 12 पाठ 4 डायरी के पन्ने प्रश्न उत्तर हिंदी प्रश्न 1. “यह साठ लाख लोगों की तरफ से बोलनेवाली एक आवाज़ है। एक ऐसी आवाज़, जो किसी संत या कवि की नहीं, बल्कि एक साधारण लड़की की है।” इल्या इहरनबुर्ग की इस टिप्पणी के संदर्भ में ऐन फ्रैंक की डायरी के पठित अंशों पर विचार करें। उत्तर: यह बात बिलकुल सही है कि यह डायरी नाजियों द्वारा यहूदियों पर किए गए अत्याचारों का खुला दस्तावेज है। इससे हमें द्रवितीय विश्व युद्ध के दौरान यहूदियों की स्थिति, भय, भूख, आतंक, बीमारी, लाचारी आदि सभी स्थितियों को बहुत करीब से देखने व अनुभव करने को मिलता है। यह एकमात्र ऐसी डायरी है जो उस साधारण-सी लड़की ऐन ने किसी ऐतिहासिक उद्देश्य से नहीं, अपितु अपने एकांत अज्ञातवास में समय बिताने के उद्देश्य से लिखी थी। वह कोई महान संत या कवि नहीं थी, फिर भी उसकी आवाज से हमें यहूदियों का दुख जानने का अवसर प्राप्त होता है। दूसरे विश्व-युद्ध में हिटलर ने यहूदियों को अनगिनत यातनाएँ दीं तथा उन्हें भूमिगत जीवन ...

NCERT Solutions for Class 12 Hindi Vitan Chapter 3 अतीत में दबे पाँव

Madhya Pradesh Board Class 12 Hindi Vitan Solutions Chapter 3   अतीत में दबे पाँव By StudyEducation वितान  कक्षा 12 पाठ 3 अतीत में दबे पाँव प्रश्न उत्तर हिंदी प्रश्न 1. सिंधु सभ्यता साधन-संपन्न थी, पर उसमें भव्यता का आडंबर नहीं था, कैसे? (CBSE-2010, 2012, 2016) उत्तर: सिंधु-सभ्यता के शहर मुअनजो-दड़ो की व्यवस्था, साधन और नियोजन के विषय में खूब चर्चा हुई है। इस बात से सभी प्रभावित हैं कि वहाँ की अन्न-भंडारण व्यवस्था, जल-निकासी की व्यवस्था अत्यंत विकसित और परिपक्व थी। हर निर्माण बड़ी बुद्धमानी के साथ किया गया था; यह सोचकर कि यदि सिंधु का जल बस्ती तक फैल भी जाए तो कम-से-कम नुकसान हो। इन सारी व्यवस्थाओं के बीच इस सभ्यता की संपन्नता की बात बहुत ही कम हुई है। वस्तुत: इनमें भव्यता का आडंबर है ही नहीं। व्यापारिक व्यवस्थाओं की जानकारी मिलती है, मगर सब कुछ आवश्यकताओं से ही जुड़ा हुआ है, भव्यता का प्रदर्शन कहीं नहीं मिलता। संभवत: वहाँ की लिपि पढ़ ली जाने के बाद इस विषय में अधिक जानकारी मिले। प्रश्न 2. ‘सिंधु-सभ्यता की खूबी उसका सौंदर्य-बोध है जो राज-पोषित या धर्म-पोषित न होकर समाज-पोषित थ...

NCERT Solutions for Class 12 Hindi Vitan Chapter 2 जूझ

Madhya Pradesh Board Class 12 Hindi Vitan Solutions Chapter 2   जूझ By StudyEducation वितान  कक्षा 12 पाठ 2 जूझ प्रश्न उत्तर हिंदी प्रश्न 1. जूझ’ शीर्षक के औचित्य पर विचार करते हुए यह स्पष्ट करें कि क्या यह शीर्षक कथा नायक की किसी केंद्रीय चारित्रिक विशेषता को उजागर करता है? (CBSE-2009) उत्तर: शीर्षक किसी भी रचना के मुख्य भाव को व्यक्त करता है। इस पाठ का शीर्षक ‘जूझ’ पूरे अध्याय में व्याप्त है। ‘जूझ’ का अर्थ है-संघर्ष। इसमें कथा नायक आनंद ने पाठशाला जाने के लिए संघर्ष किया। यह एक किशोर के देखे और भोगे हुए गाँवई जीवन के खुरदरे यथार्थ व परिवेश को विश्वसनीय ढंग से व्यक्त करता है। इसके अतिरिक्त, आनंद की माँ भी अपने स्तर पर संघर्ष करती है। लेखक के संघर्ष में उसकी माँ, देसाई सरकार, मराठी व गणित के अध्यापक ने सहयोग दिया। अत: यह शीर्षक सर्वथा उपयुक्त है। इस कहानी के कथानायक में संघर्ष की प्रवृत्ति है। उसका पिता उसको पाठशाला जाने से मना कर देता है। इसके बावजूद, कथा नायक माँ को पक्ष में करके देसाई सरकार की सहायता लेता है। वह दादा व देसाई सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखता है तथा अपने ऊपर लगे...