/
0 Comments

NCERT MP Board Class 10 Science Chapter 6 नियंत्रण एवं समन्वय Solutions


Page no – 117 Question 

1. प्रतिवर्ती क्रिया तथा टहलने के बीच क्या अंतर है?

उत्तर: प्रतिवर्ती क्रिया मेर्रज्जु द्वारा नियंत्रित होती है इसे हम अपनी सोच द्वारा नियंत्रित नहीं कर सकते टहलने की क्रिया मस्तिष्क द्वारा नियंत्रित होती है इसे हम अपनी सोच द्वारा नियंत्रित कर सकते हैं।

2. दो तंत्रिका कोशिकाओं (न्यूरॉन) के मध्य अंतर्ग्रथन (सिनेप्स) में क्या होता है?

उत्तर: अंतर्ग्रथन वह छोटा खाली स्थान होता है जो दो तंत्रिका कोशिकाओं के बीच में स्थित होता है। जब तंत्रिका आवेग विद्युत तरंगों के रूप में आता है, तो वह एक रसायन को स्त्रावित करता है। यह रसायन अंतर्ग्रथन की दरार में प्रवेश कर जाता है, और इसी तरह वह रसायन अगली तंत्रिका कोशिका में पहुँच जाता है, जिससे तंत्रिका आवेग का संचार होता है।

3. मस्तिष्क का कौन-सा भाग शरीर की स्थिति तथा संतुलन का अनुरक्षण करता है?

उत्तर: पश्चमस्तिष्क में स्थित अनुमस्तिष्क शरीर की स्थिति तथा संतुलन का अनुरक्षण करता है।

4. हम एक अगरबत्ती की गंध का पता कैसे लगाते हैं?

उत्तर: नाक के द्वारा अगरबत्ती की गंध को ग्रहण करने के पश्चात नाक में उपस्थित तन्त्रिका कोशिका ‌द्वारा विद्युत आवेग में परिवर्तित करके अग्रमस्तिष्क तक पहुँचते है। अग्रमस्तिष्क में अलग-अलग क्षेत्र सुनने, सूँघन आदि के लिए विशिष्टीकृत है, जिसके कारण हम इसके गंध का पता लगा सकते हैं।

5. प्रतिवर्ती क्रिया में मस्तिष्क की क्या भूमिका है?

उत्तर: प्रतिवर्ती क्रिया मस्तिष्क के नियंत्रण में नहीं होती। ये क्रियाएँ मेरुरज्जु (स्पाइनल कॉर्ड) द्वारा नियंत्रित की जाती हैं। मस्तिष्क इन क्रियाओं के परिणामों की जानकारी एकत्रित कर लेता है, लेकिन नियंत्रण मेरुरज्जु के माध्यम से होता है।

Page no -121 Question

 1. पादप हॉर्मोन क्या हैं?

उत्तर: पादप अपने विभिन्न भागों से कुछ महत्वपूर्ण रसायन स्त्रवित करते है जो पादपो की वृद्धि तथा अन्य क्रियाओं को नियंत्रित करते है उन्हें पादप हॉर्मोन कहते है।

2. छुई मुई पादप की पत्तियों की गति, प्रकाश की ओर प्ररोह की गति से किस प्रकार भिन्न है?

उत्तर: छुई मुई पौधे को जब स्पर्श करते है तो स्पर्श होने की सूचना को संचारित करने के लिए कोशिकाए अपनी आकृति बदल लेती है। जिसकी वजह से इसका आकार बदला हुआ नजर आता है। जबकि प्रकाश की ओर प्ररोह को गति ऑक्सिन हॉर्मोन के कारण होती है। यह अपेक्षाकृत धीमी होती है तथा एक विशेष दिशा में ही होती है। 

3. एक पादप हॉर्मोन का उदाहरण दीजिए जो वृद्धि को बढ़ाता है।

उत्तर: जिब्बेरेलिन, ऑक्सिन हॉर्मोन वृद्धि को बढाता है।

4. किसी सहारे के चारों ओर एक प्रतान की वृद्धि में ऑक्सिन किस प्रकार सहायक है?

उत्तर: प्रतान एक संवेदीशील पौधा है। जब इसके किसी भाग का संपर्क किसी वस्तु से होता है, तो जल और ऑक्सिन विपरीत दिशा में गतिशील हो जाते हैं। इस प्रक्रिया के कारण कोशिकाएँ लंबी और तन्य (तनावपूर्ण) हो जाती हैं, जिससे प्रतान आधार से लिपट जाता है।

5. जलानुवर्तन दर्शाने के लिए एक प्रयोग की अभिकल्पना कीजिए।

उत्तर: जड़े जल को प्राप्त करने के लिए जमीन में नीचे की ओर गति करती है। इस गति को जलानुवर्तन कहते है।

जलानुवर्तन दर्शाने के लिए प्रयोग:

एक पेट्रिडिश में रन्ध युक्त पत्ते के टुकडे को सीधा खड़ा करके इसके एक भाग में मिट्टी भर देगें और दूसरे भाग में जल भर देगें। मिट्टी में कुछ बीज उगने के लिए रख देते हैं। अब इसे  ऐसे स्थान पर रखते है जहा पर्याप्त सूर्य की प्रकाश और हवा मिले। तीन-चार दिन बाद हम देखते है कि जड़े जल की ओर मुड़ती है अतः जड़ों में धनात्मक जलानुवर्तन होता है।

Page no – 123 Question

1. जंतुओं में रासायनिक समन्वय कैसे होता है?

उत्तर: जंतुओं में विभिन्न हॉर्मोन सूचनाओं के संचरण का कार्य करते है। अधिवृक्क ग्रंथि से स्त्रावित एड्रीनलीन हॉर्मोन मुख्यतः नियंत्रण एवं समन्वय का कार्य करता है। यह सीधा रुधिर में पहुच जाता है। 

2. आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की सलाह क्यों दी जाती है?

उत्तर: आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की सलाह इसलिए दी जाती है कियोंकि शरीर में कार्बोहाइड्रेट, वसा तथा प्रोटीन के अपचन को थाइरॉइड नियंत्रित करती है। यह ग्रंथि थाइरॉक्सिन नामक हॉर्मोन स्त्रावित करती है इस ग्रंथि के लिए आयोडीन की आवश्कता होती है आयोडीन की कमी से घेघा रोग हो जाता है।

3. जब एड्रीनलीन रुधिर में खावित होती है तो हमारे शरीर में क्या अनुक्रिया होती है?

उत्तर: जब एड्रीनलीन हॉर्मोन रुधिर में स्त्रावित होता है, तो हृदय की धड़कन तेज हो जाती है और हाथों में पसीना आ जाता है। इसके साथ ही, डायाफ्राम और पसलियों की पेशियों में संकुचन होता है, जिससे श्वसन दर भी बढ़ जाती है।

4. मधुमेह के कुछ रोगियों की चिकित्सा इंसुलिन का इंजेक्शन देकर क्यों की जाती है?

उत्तर: रक्त में बढ़ी हुई शर्करा के नियत्रण हेतु इंसुलिन की ज़रूरत पड़ती है। यह हॉर्मोन इसे नियंत्रित करता है तथा यह अग्नाशय ग्रंथि द्वारा स्त्रवित होता है। मुधमेह के रोगियों के इसका स्त्राव कम होता है अतः इंसुलिन का इंजेक्शन रक्त में शर्करा को नियंत्रित कर देता है।

अभ्यास

1. निम्नलिखित में से कौन-सा पादप हॉर्मोन है?

(a) इंसुलिन।

(b) थायरॉक्सिन।

(c) एस्ट्रोजन।

(d) साइटोकाइनिन।

उत्तर: (d) साइटोकाइनिन।

2. दो तंत्रिका कोशिका के मध्य खाली स्थान को कहते हैं-

(a) द्रुमिका।

(b) सिनेप्स।

(c) एक्सॉन।

(d) आवेग।

उत्तर: (b) सिनेप्स।

3. मस्तिष्क उत्तरदायी है-

(a) सोचने के लिए।

(b) हृदय स्पंदन के लिए।

(c) शरीर का संतुलन बनाने के लिए।

(d) उपरोक्त सभी।

उत्तर: (d) उपरोक्त सभी।

4. हमारे शरीर में ग्राही का क्या कार्य है? ऐसी स्थिति पर विचार कीजिए जहाँ ग्राही उचित प्रकार से कार्य नहीं कर रहे हों। क्या समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं? 

उत्तर: तन्त्रिका कोशिकाओ का विशिष्टीकरण सिरो द्वारा होता है, जिन्हें हम ग्राही कहते हैं। ये ज्ञानेद्रियों में स्थित होती है, जैसे आतरिक कर्ण, जिह्वा आदि। यही सूचनाओ को वातावरण से ग्रहण कर मस्तिष्क तक पहुँचाती है। ग्राही उचित प्रकार से काम नही करे तो हमारा मस्तिष्क वातावरण के परिवर्तन को समझ नहीं पाएगा और कोई उचित निर्णय नहीं ले पाएगा।

5. एक तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) की संरचना बनाइए तथा इसके कार्यों का वर्णन कीजिए।

 उत्तर: 

न्यूरॉन के कार्य-

(i) सूचना या उद्दीपन एक तंत्रिका कोशिका के दुमिका के सिरे द्वारा प्राप्त की जाती है।

(ii) रासायनिक क्रिया द्वारा विद्युत आवेग पैदा होता है, जो कोशिका तक जाता है तथा तंत्रिकाक्ष (एक्सॉन) में होते हुए इसके अंतिम सिरे तक पहुँच जाता है।

(iii) एक्सॉन के अंत में विद्युत आवेग कुछ रसायनों का विमोचन करता है। ये रसायन रिक्त स्थान या सिनेप्स को पार करते हैं। और अगली तंत्रिका कोशिका की दुमिका में इसी तरह का विद्युत आवेग प्रारंभ करते हैं।

6. पादप में प्रकाशानुवर्तन किस प्रकार होता है?

उत्तर: जड़ प्रकाश के विपरीत मुड़कर अनुक्रिया करती है तथा तने प्रकाश की दिशा में मुड़कर, इसे प्रकाशावर्तन कहते है। पादप में ऑकिस्न हॉर्मोन स्त्रावित होता है। यह सूर्य के प्रकाश में तने के अंधेरमय भाग में आ जाता है और वहाँ की कोशिकोओं को लंबा कर उन्हें प्रकाश की ओर झुका जाता है। इसे घनात्मक प्रकाशावर्तन कहते है। जड़े ऋणात्मक को दर्शाती है।

7. मेरुरज्जु आघात में किन संकेतों के आने में व्यवधान होगा?

उत्तर: मेरुरज्जु तंत्रिकाओ की बनी होती है जो सोचने के लिए सूचनाएँ प्रदान करती है मस्तिष्क तथा मेरुरज्जू केंद्रीय तंत्रिका तंत्र बनाते हैं। ये शरीर के सभी भागो से सूचनाएँ प्राप्त करते है। जब मेरुरज्जु में आघात होगा तो ये सूचनाएँ मस्तिष्क तक तथा मस्तिष्क से शरीर के विभिन्न भागो तक नही पहुँच पाती है। 

8. पादप में रासायनिक समन्वय किस प्रकार होता है?

उत्तर: पादपों में रासायनिक समन्वय पादप हॉर्मोन द्वारा होते हैं। ये हॉर्मोन पौधों की वृद्धि, विकास एवं पर्यावरण के प्रति अनुक्रिया के समन्वय में सहायता प्रदान करते हैं। इनके संश्लेषण का स्थान इनके क्रिया क्षेत्र से दूर होता है और वे साधारण विसरण द्वारा क्रिया क्षेत्र तक पहुँच जाते हैं।

उदाहरण: 

 (i) जिव्वेरेलिन तने की वृद्धि में सहायता करते हैं।

9. एक जीव में नियंत्रण एवं समन्वय के तंत्र की क्या आवश्यकता है?

उत्तर: एक जीव में होने वाली विभिन्न क्रियाएँ तंत्रिका तंत्र‌द्वारा नियंत्रित की जाती है। तंत्रिका तंत्र मस्तिष्क से संदेश को शरीर के विभिन्न भागो तक भेजता है। नियंत्रण और समन्वय की इस प्रणाली की अनुपस्थिति में, हमारा शरीर ठीक से काम नहीं कर पाएगा।

10. अनैच्छिक क्रियाएँ तथा प्रतिवर्ती क्रियाएँ एक-दूसरे से किस प्रकार भिन्न हैं?

उत्तर: 

अनैच्छिक क्रियाएँप्रतिवर्ती क्रियाएँ
1. वे क्रियाएँ जो हम अपनी इच्छानुसार सोच-विचार कर भी नहीं कर पाते हैं उन्हें अनैच्छिक क्रियाएँ कहते हैं।1. अचानक किसी उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया जिसमें मस्तिष्क सम्बद्ध नहीं होता।
2. इन क्रियाएँ को मस्तिष्क नियंत्रित करता है।2. इन क्रियाओं को मेरुरज्जू द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
उदाहरण: हृदय का धडकना, साँस लेना।उदाहरण: गर्म पदार्थ को स्पर्श करने पर हाथ का हटना।

11. जंतुओं में नियंत्रण एवं समन्वय के लिए तंत्रिका तथा हॉर्मोन क्रियाविधि की तुलना तथा व्यतिरेक (contrast) कीजिए। 

उत्तर: 

तंत्रिका क्रियाविधिहॉर्मोन क्रियाविधि
(i) यह एक्सॉन के अंत में विद्युत आवेग का परिणाम है जो कुछ रसायनों का विमोचन करता है।(i) यह रक्त के द्वारा भेजा गया रासायनिक संदेश है।
(ii) सूचना अति तीव्र गति से आगे बढ़ती है।(ii) सूचना धीरे-धीरे गति करती है।
(iii) तंत्रिका तंत्र जतुओ में नियंत्रण एंव समन्वय के लिए आवश्यक है।(iii) हार्मोन ही वृ‌द्धि, जनन और विकास में सहायक होते हैं।
(iv) सूचना का संचरण तीव्र होता है और प्रतिक्रिया त्वरित होती है।(iv) सूचना का संचरण धीरे होता है तथा प्रतिक्रिया भी धीरे होती है।

12. छुई-मुई पादप में गति तथा हमारी टाँग में होने वाली गति के तरीके में क्या अंतर है?

उत्तर: 

छुई मुई पादप में गतिहमारी टाँग में होने वाली गति
(i) छुई मुई पादप स्पर्श करते ही पत्तियों को झुकाकर या बंद करके संवेदनशीलता का परिचय दे देते हैं।(i) हमारी टाँग में होने वाली गति ऐच्छिक क्रिया का परिणाम है जो अनुमस्तिष्क के द्वारा संचालित होती है।
(ii) पादप हॉर्मोन के प्रभाव के कारण पादप कोशिकाएँ यह परिवर्तन कर देती हैं।(ii) इसमें तंत्रिका नियंत्रण का सहयोग प्राप्त किया जाता है।
(iii) पत्तियों के आकार में परिवर्तन हो जाता है।(iii) पैर व पेशी के आकार में परिवर्तन नहीं होता है।

NCERT MP Board Class 10 Science Chapter 6 नियंत्रण एवं समन्वय Solutions Page no – 117 Question  1. प्रतिवर्ती क्रिया तथा टहलने के बीच क्या अ...

No comments: